А¤­а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— { Bhartendu Yug } А¤­а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ А¤їаґѓа¤— А¤•аґђ А¤µа¤їа¤¶аґ‡а¤·а¤¤а¤ѕ || А¤­а¤ѕа¤°а¤¤аґ‡а¤‚दഃ - А¤їаґѓа¤— А¤•ഇ А¤°а¤ља¤ёа¤ѕа¤•а¤ѕа¤°

साहित्य में केवल राजा-रानियों की कहानियाँ नहीं, बल्कि बाल-विवाह, छुआछूत, सती प्रथा और नारी शिक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर खुलकर लिखा गया।

पावस पचासा, सुकवि सतसई, हो हो होरी

लेखकों ने समाज की कुरीतियों और ब्रिटिश शासन की विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया। भारतेंदु की 'अंधेर नगरी' इसका बेहतरीन उदाहरण है।